आदरणीय
समाज बंधुओ
सादर जय माराज सा🙏
समाज बंधुओ
सादर जय माराज सा🙏
जैसा कि आप सभी को ज्ञात है कि डोली जमीन पर हाईकोर्ट ने हमारे हितों के खिलाफ फैसला दिया है।
कानूनी जानकार इस संबंध में चर्चा कर रहे हैं, समाज का प्रत्येक बंधु चिंतित हैं कि हमारी पुश्तैनी निशानी जो हमारे वैष्णवता का प्रमाण है उस आधार पर हम ठाकुर की सेवा पूजा व परिवार का पालन पोषण करते है।
हालांकि मेरे परिवार के पास डोली भूमी नही है फिर भी मेरे समाज बंधुओ की तो है उनके दुख दर्द में हम सभी को मिलकर दृढ संकल्प करके लडाई लडने की आवश्यकता है,हमारी नही तो कोई न कोई सगे संबंधी की तो होगी ही।
एक बात यह है कि मुझे कानूनों की सूक्ष्म जानकारी नही है फिर भी कुछ बंधुओ से हाईकोर्ट फैसले को समझने की कोशिश की वो इस प्रकार है- कानून के अनुसार ठाकुर जी को नाबालिग माना गया है और ठाकुर जी के नाम जमीन है तो वह ठाकुर के नाम नही हो सकती नाबालिग के कारण।
अतः सरकार के पक्ष में फैसला देकर कहा है कि उन जमीन पर स्वामित्व सरकार का होगा।
अब गेंद सरकार के पाले में है अगर सरकार चाहे तो पुजारियों के नाम जमीन कर उन्हे संरक्षक बना सकती है।
इसके लिये हमे सर्वप्रथम सरकार पर दबाव बनाने की जरूरत है बाकि विकल्प भी खुले रखने है जैसे सुप्रीम कोर्ट
या दोनों स्तर पर जंग सीमित समयावधि में लडनी होगी।
जहां तक सरकार पर दबाव का विषय है तो इस संबंध में आप सभी को हमारे राजस्थान के हर विधायक और सांसद के हस्ताक्षर युक्त पत्र लेना होगा।
अपने अपने विधानसभा क्षेत्र में जो राजनीतिक क्षेत्र के समाज बंधु है उनके नेतृत्व में
सभी पुजारी वर्ग(संन्यासीयो सहित) मिलकर विधायक महोदय से चुनाव पूर्व घोषणा पत्र में किये वादे की याद दिलाते हुए साथ में यह भी कहना है कि आपकी जीत में हमारे समाज की कितनी भूमिका है,दबाव बनाने हुए सहमति पत्र लेना है।
इस प्रकार सभी विधायकों के हस्ताक्षर युक्त सहमति पत्र प्राप्त होने पर सांसद महोदय भी आसानी से सहमति पत्र देंगे।
एक तो यह कार्य मुख्यमंत्री पर दबाव बनायेगा
दूसरा कदम जैसा कि जंतर मंतर दिल्ली में होता है अनशन बिल्कुल ऐसा ही अनिश्चितकालीन अनशन जयपुर में हो जिसमें भारी संख्या में पुजारी हो और रोज मंच से हमारे बुद्धिजीवी भाषण द्वारा आंदोलन को दिशा निर्देश के साथ साथ सरकार को चेतावनी स्वरूप संबोधित भी करते रहे, यह भी दबाव का कार्य कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में फैसले के खिलाफ कार्रवाई के लिए हमारे कानून विशेषज्ञ भी रास्ता निकालने की कोशिश करते रहे🙏
अगर समय रहते सरकार पर दबाव नही बनाया तो यह भी सुनने में आया है कि हमारे मन्दिरों में पुजारियों की भर्ती प्रक्रिया जल्द ही सरकार शुरू करवा सकती हैं और आप जानते ही है कि सरकारी नियमों से वह पुजारी कोई भी हो सकता है बस उसे ट्रेनिंग देकर सरकार द्वारा पुजारी पद दिया जा सकता है।🙏🙏
कानूनी जानकार इस संबंध में चर्चा कर रहे हैं, समाज का प्रत्येक बंधु चिंतित हैं कि हमारी पुश्तैनी निशानी जो हमारे वैष्णवता का प्रमाण है उस आधार पर हम ठाकुर की सेवा पूजा व परिवार का पालन पोषण करते है।
हालांकि मेरे परिवार के पास डोली भूमी नही है फिर भी मेरे समाज बंधुओ की तो है उनके दुख दर्द में हम सभी को मिलकर दृढ संकल्प करके लडाई लडने की आवश्यकता है,हमारी नही तो कोई न कोई सगे संबंधी की तो होगी ही।
एक बात यह है कि मुझे कानूनों की सूक्ष्म जानकारी नही है फिर भी कुछ बंधुओ से हाईकोर्ट फैसले को समझने की कोशिश की वो इस प्रकार है- कानून के अनुसार ठाकुर जी को नाबालिग माना गया है और ठाकुर जी के नाम जमीन है तो वह ठाकुर के नाम नही हो सकती नाबालिग के कारण।
अतः सरकार के पक्ष में फैसला देकर कहा है कि उन जमीन पर स्वामित्व सरकार का होगा।
अब गेंद सरकार के पाले में है अगर सरकार चाहे तो पुजारियों के नाम जमीन कर उन्हे संरक्षक बना सकती है।
इसके लिये हमे सर्वप्रथम सरकार पर दबाव बनाने की जरूरत है बाकि विकल्प भी खुले रखने है जैसे सुप्रीम कोर्ट
या दोनों स्तर पर जंग सीमित समयावधि में लडनी होगी।
जहां तक सरकार पर दबाव का विषय है तो इस संबंध में आप सभी को हमारे राजस्थान के हर विधायक और सांसद के हस्ताक्षर युक्त पत्र लेना होगा।
अपने अपने विधानसभा क्षेत्र में जो राजनीतिक क्षेत्र के समाज बंधु है उनके नेतृत्व में
सभी पुजारी वर्ग(संन्यासीयो सहित) मिलकर विधायक महोदय से चुनाव पूर्व घोषणा पत्र में किये वादे की याद दिलाते हुए साथ में यह भी कहना है कि आपकी जीत में हमारे समाज की कितनी भूमिका है,दबाव बनाने हुए सहमति पत्र लेना है।
इस प्रकार सभी विधायकों के हस्ताक्षर युक्त सहमति पत्र प्राप्त होने पर सांसद महोदय भी आसानी से सहमति पत्र देंगे।
एक तो यह कार्य मुख्यमंत्री पर दबाव बनायेगा
दूसरा कदम जैसा कि जंतर मंतर दिल्ली में होता है अनशन बिल्कुल ऐसा ही अनिश्चितकालीन अनशन जयपुर में हो जिसमें भारी संख्या में पुजारी हो और रोज मंच से हमारे बुद्धिजीवी भाषण द्वारा आंदोलन को दिशा निर्देश के साथ साथ सरकार को चेतावनी स्वरूप संबोधित भी करते रहे, यह भी दबाव का कार्य कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में फैसले के खिलाफ कार्रवाई के लिए हमारे कानून विशेषज्ञ भी रास्ता निकालने की कोशिश करते रहे🙏
अगर समय रहते सरकार पर दबाव नही बनाया तो यह भी सुनने में आया है कि हमारे मन्दिरों में पुजारियों की भर्ती प्रक्रिया जल्द ही सरकार शुरू करवा सकती हैं और आप जानते ही है कि सरकारी नियमों से वह पुजारी कोई भी हो सकता है बस उसे ट्रेनिंग देकर सरकार द्वारा पुजारी पद दिया जा सकता है।🙏🙏
आपका स्वसमाज बंधु
जेपी वैष्णव, आहोर
श्री द्वारिकाधीश मंडल
जेपी वैष्णव, आहोर
श्री द्वारिकाधीश मंडल